भारतीय गिल्ली-डंडा महासंघ (Indian Gilli-Danda Federation – IGDF) की सामान्य सभा बैठक 2025 संविधान के प्रावधानों के अनुरूप सफलतापूर्वक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष/सभापति द्वारा की गई, जिसमें विभिन्न राज्यों की इकाइयों, ट्रस्टी सदस्यों एवं नामित सदस्यों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान वर्ष 2025 से 2029 के लिए नई कार्यकारिणी समिति का सर्वसम्मति से चुनाव किया गया। नव-निर्वाचित पदाधिकारियों में श्रीमती सोनी भारत (उत्तर प्रदेश) को अध्यक्ष, श्री एम. मनोज (केरल) को उपाध्यक्ष, डॉ. अरुण कुमार (राजस्थान) को सचिव, श्री मुस्तकीम अंसारी (उत्तर प्रदेश) को संयुक्त सचिव, श्री रविंदर कुमार (उत्तर प्रदेश) को कोषाध्यक्ष, श्री शंकर उत्तम गायकवाड़ (महाराष्ट्र) को कार्यकारिणी सदस्य तथा मास्टर बीके भारत (GDIF) को तकनीकी निदेशक नियुक्त किया गया। सभा ने नई कार्यकारिणी को संविधान एवं नियमों के अनुसार कार्य करने हेतु अधिकृत किया।
सामान्य सभा में नए एवं वर्तमान सदस्यों की सदस्यता को भी स्वीकृति प्रदान की गई। व्यक्तिगत (ट्रस्टी) सदस्यता के अंतर्गत भूपेंद्र कुमार भारत, रविंदर कुमार, कुलदीप कुमार एवं सोनी भारत की सदस्यता को सर्वसम्मति से अनुमोदन दिया गया। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, केरल, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, हरियाणा, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, असम, तेलंगाना, बंगाल एवं उत्तराखंड की 13 राज्य गिल्ली-डंडा संघों की सदस्यता/निरंतरता को आईजीडीएफ मानकों के अधीन स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में आईजीडीएफ की नई संगठनात्मक संरचना को प्रस्तुत कर सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। इसके अंतर्गत शासी परिषद में ट्रस्टी बोर्ड, राज्य संघ एवं नामित सदस्य तथा कार्यकारिणी परिषद में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव, संयुक्त सचिव, कोषाध्यक्ष एवं कार्यकारिणी सदस्य शामिल होंगे।
सभा ने आईजीडीएफ सदस्यता शुल्क संरचना को भी मंजूरी दी, जिसके अंतर्गत व्यक्तिगत सदस्यता ₹1000 (दो वर्ष के लिए), संस्थागत सदस्यता ₹5000 (वार्षिक), राज्य संघ सदस्यता ₹10,000 (वार्षिक), कॉर्पोरेट सदस्यता ₹20,000 तथा मानद सदस्यता (मताधिकार रहित) निर्धारित की गई।
इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय गिल्ली-डंडा प्रशिक्षक पाठ्यक्रम/लाइसेंस एवं राष्ट्रीय गिल्ली-डंडा रेफरी/अंपायर पाठ्यक्रम सहित सभी आईजीडीएफ प्रमाणन कार्यक्रमों को स्वीकृति दी गई। इन पाठ्यक्रमों में पात्रता, परीक्षा प्रक्रिया, वैधता, नवीनीकरण एवं प्रमाणन लाभ शामिल होंगे। परीक्षा संचालन आईजीडीएफ अथवा जीडीआईएफ के तकनीकी निदेशक द्वारा किया जाएगा।
सभा में मतदान अधिकार संरचना को भी अंतिम रूप दिया गया, जिसके अनुसार संस्थापक/ट्रस्टी एवं पंजीकृत राज्य संघों को दो-दो मत, अपंजीकृत राज्य संघों एवं नामित सदस्यों को एक-एक मत प्रदान किया गया।
आगामी गतिविधियों के अंतर्गत राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की गिल्ली-डंडा प्रतियोगिताएं, सेमिनार एवं कार्यशालाएं आयोजित करने पर सहमति बनी तथा इनके आयोजन हेतु कार्यकारिणी को अधिकृत किया गया।सामान्य सभा ने गिल्ली-डंडा खेल से जुड़ी प्रमुख उपलब्धियों एवं मान्यताओं पर भी संतोष व्यक्त किया, जिनमें 2017 से एसोसिएशन फॉर नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन्स (TAFISA इंडिया) द्वारा आईजीडीएफ को आरएसएफ/एनएसएफ के रूप में मान्यता, 2018 से ट्रेडिशनल स्पोर्ट्स एंड गेम्स फेडरेशन इंडिया की सहयोगी सदस्यता, 2020 से GAWSF/ISNO की अंतरराष्ट्रीय सक्रिय सदस्यता, 2022 से एशियन ट्रेडिशनल स्पोर्ट्स एंड गेम्स एसोसिएशन की सदस्यता तथा खेलो इंडिया ग्रामीण एवं स्वदेशी खेल 2023, ओडिशा में गिल्ली-डंडा का प्रदर्शन शामिल है। वहीं, भारत सरकार के युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय से मान्यता की प्रक्रिया प्रगति पर है।
बैठक का समापन अध्यक्ष को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए किया गया तथा सभी सदस्यों द्वारा गिल्ली-डंडा खेल के राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विकास हेतु सामूहिक प्रयासों की सराहना की गई।
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